म्यूनिख:अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के उस बयान पर यूरोपीय संघ भड़क गया है, जिसमें उन्होने कहा था कि यूरोप अपनी सभ्यतागत मिटान यानी अस्तित्व मिटने के खतरे का सामना कर रहा है। यूरोपी संघ के एक शीर्ष अधिकारी ने रविवार को रूबियो की इस धारणा को खारिज कर दिया कि यूरोप 'सभ्यतागत मिटान'का सामना कर रहा है। ईयू ने ट्रंप प्रशासन द्वारा महाद्वीप की आलोचना पर कड़ा विरोध जताया। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में यह रूबियो की धारणा को खारिज कर दिया।
ईयू ने यह बयान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के यूरोपीय सहयोगियों को दिए गए कुछ आश्वासन वाले संदेश के एक दिन बाद दिया है। म्यूनिख में रूबियो ने ट्रांस-अटलांटिक गठबंधन को नया रूप देने और वाशिंगटन की नीति प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने पर दृढ़ रुख बनाए रखा। वहीं कलास ने दिसंबर में जारी अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में ईयू की उस आलोचना का जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि यूरोप में आर्थिक ठहराव "सभ्यतागत मिटने की वास्तविक और अधिक गंभीर संभावना से ढका हुआ है। इसमें यूरोप को आप्रवासन नीतियों, घटती जन्म दर, "अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सेंसरशिप और राजनीतिक विरोध का दमन" तथा "राष्ट्रीय पहचान और आत्मविश्वास की हानि" से कमजोर बताया गया था। कलास ने सम्मेलन में कहा, "कुछ लोग जो कहते हैं, उसके विपरीत, जागरूक और सड़ चुका यूरोप सभ्यतागत मिटने का सामना नहीं कर रहा है।
कलास ने कहा, "वास्तव में लोग अभी भी हमारे क्लब में शामिल होना चाहते हैं। सिर्फ यूरोपीय साथी ही नहीं, बल्कि और भी देश। उन्होंने कहा कि पिछले साल कनाडा यात्रा के दौरान उन्हें बताया गया था कि वहां कई लोग यूरोपीय संघ में शामिल होने में रुचि रखते हैं। कलास ने इसे "यूरोप-बैशिंग"करार दिया। उन्होंने कहा, "हम मानवता को आगे बढ़ा रहे हैं, मानवाधिकारों की रक्षा करने की कोशिश कर रहे हैं और यह सब लोगों के लिए समृद्धि भी ला रहा है। इसलिए मुझे इन आरोपों पर विश्वास करना मुश्किल है। अपने भाषण में रुबियो ने कहा कि ट्रांस-अटलांटिक युग का अंत "न तो हमारा लक्ष्य है और न ही हमारी इच्छा," और जोड़ा कि "हमारा घर पश्चिमी गोलार्ध में हो सकता है, लेकिन हम हमेशा यूरोप की संतान रहेंगे।"उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रंप प्रशासन आप्रवासन, व्यापार और जलवायु जैसे मुद्दों पर अपनी नीतियों पर अडिग है।
सम्मेलन को संबोधित करने वाले यूरोपीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे अपने मूल्यों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, जलवायु परिवर्तन और मुक्त व्यापार के प्रति अपने रुख पर कायम रहेंगे। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने शनिवार को कहा कि यूरोप को "जीवंत, स्वतंत्र और विविध समाजों" की रक्षा करनी होगी, जो दिखाता है कि अलग-अलग दिखने वाले लोग शांतिपूर्वक साथ रह सकते हैं और यह हमारे समय की प्रवृत्ति के विरुद्ध नहीं है। बल्कि, यही हमें मजबूत बनाता है। वहीं कलास ने कहा कि रुबियो के भाषण से महत्वपूर्ण संदेश मिला कि अमेरिका और यूरोप जुड़े हुए हैं और रहेंगे। उन्होंने कहा, "यह भी स्पष्ट है कि हम सभी मुद्दों पर एकमत नहीं हैं और ऐसा आगे भी रहेगा, लेकिन मुझे लगता है कि हम इसी आधार पर काम कर सकते हैं।"
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